“लखनऊ में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1.17 करोड़ की साइबर ठगी”

“लखनऊ में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1.17 करोड़ की साइबर ठगी”

Cyber ​​fraud of Rs 1.17 crore in the name of

“Cyber ​​fraud of Rs 1.17 crore in the name of share trading in Lucknow”

  1. व्यवसायी से 24 दिन में 1.17 करोड़ रुपये की ठगी।

  2. शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर फंसाया गया।

  3. साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज, जांच जारी।

लखनऊ। साइबर जालसाजी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा घटना रायबरेली रोड स्थित वृंदावन कालोनी निवासी व्यवसायी के साथ हुई जहां जालसाजों ने 24 दिन में कारोबारी से शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 1.17 करोड़ रुपये ठग लिए। रुपये देने के बावजूद मुनाफा नहीं मिला तो पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

वृंदावन कालोनी सेक्टर चार निवासी विकास मिश्रा ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक और इंडसइंड बैंक में उनका खाता है। अगस्त 2025 में उनके वाट्सएप पर एक लिंक आया। इसके माध्यम से उन्हें जी 922 इंडियन स्टाक वीआइपी ग्रुप में जोड़ा गया। सिया वर्मा ग्रुप में सलाहकार थी।

सिया ने बातचीत कर उनका नंबर एक अन्य ग्रुप में जोड़ा। कुछ समय बाद एक लिंक भेजकर प्ले स्टोर से एप डाउनलोड कराई गई। इसके बाद जालसाजों ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर अधिक मुनाफे का झांसा दिया। विश्वास दिलाने के लिए कई अन्य लोगों को मुनाफा देने के स्क्रीनशाट भी दिखाए। बातों में आकर विकास ने 16 जनवरी से 10 फरवरी के बीच अपने दोनों बैंक खातों से कई बार में 1.17 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए।

पीड़ित ने जब मुनाफे की मांग की तो उनसे अधिक रुपये मांगे गए। इस पर ठगी का एहसास हुआ। साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव ने बताया कि पीड़ित से खाते और लेनदेन विवरण मांगा गया है। इसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।



आठ बैंकों में जालसाजों ने लिए रुपये

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि रुपये यस बैंक, इंडसइंड बैंक, डीसीबी बैंक, यूको बैंक, सिटी यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया, उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक और कैथोलिक सीरियन बैंक में ट्रांसफर कराए गए हैं। पुलिस इन बैंक से भी संपर्क कर रही है।